ग्लोबल मार्केट और जियोपॉलिटिकल अपडेट (2 और 3 सितंबर 2026)
भू-राजनीतिक मोर्चे पर, 2 सितंबर 2026 की रात अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की खबरें हावी रहीं। रात 11:43 बजे से 11:53 बजे के बीच, पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने बयान दिया कि ईरान का शासन कमजोर हो रहा है और वे शी (Xi) के साथ बातचीत करने वाले हैं। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान के खिलाफ अभियान ज्यादा लंबा नहीं चलेगा, लेकिन उन्होंने रडार और मिसाइल सिस्टम बनाने की कोशिशों के जवाब में ईरान पर एक और हमले के लिए तैयार रहने की बात कही। इसके साथ ही, यूएस सेंट्रल कमांड ने बताया कि अमेरिकी नौसेना ईरान की नाकाबंदी (blockade) को सख्ती से लागू कर रही है।
इन भू-राजनीतिक तनावों का सीधा असर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों पर देखने को मिला। 3 सितंबर 2026 को रात 12:28 बजे तक, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 98 सेंट (1.04%) की बढ़त के साथ $95.63 प्रति बैरल पर सेटल हुआ। वहीं, रात 12:04 बजे, अमेरिकी क्रूड (US crude) 0.79 डॉलर (0.88%) चढ़कर $91.01 प्रति बैरल पर बंद हुआ।
कमोडिटी में इस उछाल के बावजूद, अमेरिकी शेयर बाजारों में शानदार रिकवरी देखने को मिली। 3 सितंबर 2026 को रात 01:49 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेजरी यील्ड्स में गिरावट के कारण निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी (bought the dip) की, जिससे S&P 500 में 0.5%, नैस्डैक 100 में 0.2% और डाउ में 0.6% की वृद्धि दर्ज की गई। क्लोजिंग के आंकड़ों (रात 01:33 बजे) के अनुसार, डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 299.78 अंक (0.57%) चढ़कर 53,066.66 पर बंद हुआ। S&P 500 35.03 अंक (0.46%) की बढ़त के साथ 7,666.50 पर, और नैस्डैक कंपोजिट 110.62 अंक (0.42%) ऊपर 26,210.40 पर बंद हुआ।
अमेरिकी बाजारों में इस सकारात्मक रुख का असर भारतीय बाजारों के संकेतों पर भी पड़ा। 3 सितंबर 2026 को रात 02:51 बजे, गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) 0.54% (130.50 अंक) की मजबूती के साथ 24,095.50 के स्तर पर बंद हुआ, जो भारतीय बाजारों के लिए एक मजबूत ओपनिंग का संकेत देता है।